दोस्तों आज हम आपको अकबर के वित्त मंत्री के बारे में बताएंगे कि अकबर का वित्त मंत्री कौन था यानी कि अकबर के वित्त मंत्री का नाम क्या था?

क्या आपको भी पता है कि अकबर के वित्त मंत्री का क्या नाम था क्या इससे पहले आपने कभी भी इसके बारे में नहीं पड़ा है या सुना है कि अकबर का वित्त मंत्री कौन था उसका नाम क्या था?

अगर आपको नहीं पता है कि अकबर के वित्त मंत्री कौन थे तो चलिए हम आपको बताते हैं अकबर के वित्त मंत्री का नाम।

अकबर के वित्त मंत्री राजा टोडरमल थे यानी अकबर के वित्त मंत्री का नाम राजा टोडरमल था। Raja todarmal शेरशाह सूरी के साथ भी काम कर चुके थे।

क्योंकि शेर शाह सुरी नहीं उस जमाने में सबसे पहले जमीनों के रखरखाव की व्यवस्था शुरू की थी यानी जमीनों का देखरेख करने के लिए शेरशाह सूरी ही पहले व्यक्ति थे।

तथा इसके साथ ही उन्होंने पूरे देश को सड़कों से जोड़ने की भी कोशिश की थी।

अकबर हमेशा से ही ऐसे ही वित्त मंत्री की तलाश में था और उन्होंने अंत में राजा टोडरमल की योग्यता को पहचान लिया तथा उसे वित्त मंत्री बना दिया।

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अकबर के बारे में – दोस्तों आज हम आपको अकबर की कहानी के बारे में बताएंगे की मुगल साम्राज्य के महान सम्राट अकबर की कहानी क्या है।

दोस्तों राजा अकबर की कहानी बहुत ही पुरानी तथा लंबी चौड़ी है। इस कहानी में बहुत सारे इतिहास के राज जुड़े हुए हैं।

प्राचीन काल में भारत में मुगल साम्राज्य का शासक अकबर हुआ करता था।

हमने बचपन से ही अकबर तथा बीरबल की कहानियां पढ़ी है तथा अकबर तथा बीरबल के एपिसोड भी हमने टेलीविजन पर बचपन में बहुत ही बार देखे होंगे।

अकबर का नाम आज इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि अकबर एक ऐसा राजा था
जिसकी तुलना मौर्य वंश के सम्राट अशोक के अलावा कोई भी नहीं कर सकता था यानी कि यह इतना बलशाली पराक्रमी व ताकतवर राजा था।

अकबर एक बहुत ही बड़ा महान योद्धा तथा महान शासक था।

हुमायूं के बाद अकबर ने ही मुगल साम्राज्य की गद्दी को संभाला था। अकबर ने लगभग भारत पर राज किया था।

आपने अकबर और महाराणा प्रताप की लड़ाई के बारे में इतिहास में बहुत बड़ा है तथा सुना भी है उनकी लड़ाई का बखान आज भी इतिहास में किया जाता है।

akbar history in hindi. – अकबर का इतिहास।

अक़बर कि कहानी – दोस्तों आज हम आपको अकबर के इतिहास के बारे में बताएंगे ? अकबर ने किस प्रकार से शासन किया था तथा अपने शासन के दौरान अकबर ने क्या-क्या काम किए थे?

अकबर का इतिहास बहुत ही ज्यादा पुराना तथा लंबा चौड़ा है। अकबर ने लगभग भारतवर्ष पर अधिकार किया था।

अकबर ने अपने मुगल साम्राज्य के नियम को मजबूत करने के लिए बहुत सारे काम किए तथा बहुत सारे युद्ध भी किए।

जिसके कारण अकबर कोएक महान सम्राट के रूप में भी जाना जाता है।

अकबर मुगल वंश का तीसरा शासक था जब भी मुगल वंश की बात आती है तो बाबर हुमायूं के बाद तीसरे गद्दी संभालने वाला राजा अकबर ही था।

history of mughal badshah akbar in hindi – मुगल बादशाह अकबर का इतिहास हिंदी में।

Biography of akber – अब हम आपको मुगल बादशाह अकबर जिंदगी से जुड़े हुए तथा उनके इतिहास के बारे में आपको बताते हैं।

जब भी मुगल वंश का या मुगल साम्राज्य का नाम आता है तो इसमें मुगल शासक अकबर का नाम तो जरूर लिया जाएगा।

क्योंकि इन्होंने अपने जीवन काल में मुगल साम्राज्य की स्थापना के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण काम की है जोकि उल्लेखनीय है।

राजा अकबर का इतिहास बहुत ही रोचक तथा लंबा चौड़ा है इन्होंने हिंदू तथा मुसलमानों दोनों को एक साथ लेकर चलने का काफी प्रयास किया था ताकि भारत में मुगल वंश की स्थापना कर सकें।

इसके साथ ही मुगल बादशाह अकबर ने अपने पूरे शासनकाल के दौरान सभी धर्मों का समान रूप से आदर भी किया था यानी कि उन्होंने किसी भी धर्म को छोटा या बड़ा नहीं समझा था।

about akbar in hindi – akbar ki kahani k bare mein.

Akbar ki kahani – दोस्तों अकबर ने अपने शासनकाल के दौरान भारत पर कब्जा कर मुगल साम्राज्य की स्थापना करने के लिए बहुत सारी रणनीतियां बनाई।

यह काम करने के लिए उन्होंने बहुत सारे रियासतो से समझौते भी किए थे ताकि भारत पर आसानी से अधिकार कर सकें।

इसके साथ ही अकबर ने राजपूत राजाओं के साथ न्यायिक संबंध भी बनाए तथा राजपूत कन्याओं से शादी भी कर ली।

अकबर के शासनकाल के दौरानराजपूत अकबर के सबसे बड़े दुश्मन हुआ करते थे।

इसलिए अकबर ने अपनी जनहानि को बचाने के लिए कहीं राजपूत राजाओं के साथ संबंध स्थापित करें तथा उनकी कन्याओं के साथ विवाह करके उनसे समझौते कर लिए। यह रणनीति अकबर को काफी आगे लेकर गई।

अकबर की कितनी पत्नियां थीं? – Akbar ki kitni patniya thi?

akbar ki patni ka naam – अकबर जीवनसाथी – दोस्तों अकबर के बारे में संक्षिप्त जानकारी हमने ऊपर पता ही थी अब हम आपको बताएंगे।

कि अकबर की कितनी पत्नियां थी यानी अकबर ने कितनी औरतों से शादी कर रखी थी?

क्या आप जानते हैं कि अकबर की पत्नियां कितनी थी तथा उनके क्या-क्या नाम थे अगर नहीं जानते हैं तो चलिए जान लेते हैं।

अकबर कि कुल 7 पत्नियां थी राजा अकबर की यह सातों रानियां अपने आप में खास तो थी ही साथ ही अकबर के जीवन में भी इनका बहुत ही ज्यादा महत्व था।

अब आइए जानते हैं अकबर के साथ पत्नियों के नाम क्या क्या थे।

  1. रुकैक्या सुल्तान बेगम – अकबर कि सात पत्नियों में रुकैक्या सुल्तान बेगम अकबर की पहली पत्नी थी।

यह रानी जिंदगी भर नि:संतान थी। 82 वर्ष की आयु में आगरा में इसकी मृत्यु हो गई।

  1. सलीमा सुल्तान बेगम – यह अकबर की दूसरी पत्नी थी।यह एक विधवा औरत थी जिससे अकबर ने शादी की थी। यह भी अपने राज्सी जीवन में कभी भी मां नहीं बन पाई थी। 73 साल की एज में यह भी परलोक सिधार गई थी।
  2. जोधा – जोधा राजा अकबर की तीसरी पत्नी थी। जोधा जयपुर के राजपूत की देन है। यह आमेर रियासत के राजा भारमल की सबसे बड़ी बेटी थी। जोधा ने दो संतान को जन्म दिया और जन्म देते ही दोनों संतानों की मृत्यु हो गई। जिसके कारण अकबर को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। एक बार फिर जोधा ने एक संतान को जन्म दिया जिसका नाम सलीम था जो कि अब अकबर का प्रियतम पुत्र था।
  3. बीबी दौलत शाद – अकबर की यह बेगम उनकी पहली नजर के प्यार का परिणाम था यानी अकबर के पहली नजर में हुए प्यार के कारण। उन्होंने इस से शादी की थी।इस बेगम से राजा को दो बेटियों की प्राप्ति हुई।

इसके साथ ही अकबर की अन्य तीन बीवियों जैसे क़सीमा बानु ,भक्करी बेगम और गौहर उन निस्सा के बारे में इतिहास में जानकारी बहुत ही कम मिलती है।

परंतु इनका राजा के जीवन में विशेष महत्व तथा योगदान रहा था।

akbar ke pita ka naam – अकबर के पिता का नाम।

akbar father name – दोस्तों अब हम जानेंगे कि अकबर के पिता का क्या नाम था? क्या आपको पता है कि अकबर के पिता कौन थे या फिर अकबर के पिता के बारे में आप जानते हैं।

अगर आप इसके बारे में बिल्कुल भी नहीं जानते हैं कि अकबर के पिता का क्या नाम था तो चलिए जान लेते हैं।

दोस्तों अकबर के पिता का नाम हुमायूं था। भारत में मुगल शासन का विस्तार करने के लिए हुमायू का बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान था।

यानी हूंमायू नहीं भारत में मुगल साम्राज्य को बहुत ही ज्यादा विकसित कर दिया था बाबर की मृत्यु के बाद उसके पिता की जगह राज गद्दी को संभालने वाला हुमायूं ही था।

मुगल साम्राज्य में इन्होंने बहुत ही महत्वपूर्ण तथा सराहनीय कार्य भी किए थे।

ऐसा कहा जाता है कि हूंमायू ने शासन तो बहुत ही कम किया लेकिन जितना भी किया कोई समय मुगल साम्राज्य की जड़ों को और ज्यादा मजबूत करने के लिए वे काफी ज्यादा अहम कदम उठाया करते थे।

biography of akbar in hindi. – अकबर की जीवनी।

अकबर का जीवन परिचय – दोस्तों अब हम अकबर की जीवनी के बारे में जानेंगे यानी कि अकबर का जीवन परिचय क्या है ?

अकबर के माता पिता कौन थे ? अकबर का बेटा कौन था ? अकबर के कितनी पत्नियां थी ?

अकबर का वित्त मंत्री तथा मुगल साम्राज्य में अकबर का कितना महत्व था ?
यह सब बातें हम अब आपको बताएंगे।

चलिए अब जान लेते हैं कि अकबर का जीवन परिचय क्या है?

अकबर का पूरा नाम जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर था।अकबर मुगल साम्राज्य का तीसरा शासक था जिनमें पहले बाबर तथा हुमायूं ने शासन कर लिया था।

अकबर हुमायूं का पुत्र था यानी अकबर के पिता हुमायू थे। भारतीय इतिहास में अकबर को मुगल साम्राज्य का सबसे महान सम्राट शासक माना जाता है।

अगर हम कीर्ति और लोकप्रियता की दृष्टि से देखे तो भारत के राजनीतिक इतिहास में केवल एक ही सम्राट हुआ था।

जिसकी तुलना हम अकबर से कर सकते हैं और वह था मौर्य वंश का महान शासक अशोक।

अकबर का जन्म पूर्णिमा की रात को हुआ था। अरबी भाषा में अकबर शब्द का अर्थ महान या बड़ा होता है।

ऐसा कहा जाता है कि बचपन में कोई भी शिक्षक अकबर को पढ़ाने में सफल नहीं हुआ था। हम ऐसा भी मान सकते हैं कि पढ़ने लिखने में अकबर की रुचि नहीं थी।

अकबर की रूचि घुड़सवारी, कबूतर बाजी और कुत्ते पालने में ज्यादा थी।लेकिन उनको ज्ञानवर्धक कहानियां सुनना भी बहुत ही ज्यादा पसंद था।

अकबर के कितने बच्चे थे? – Akbar ke kitne bacche the?

akbar ke kitne bete the – आइए अब हम बात कर लेते हैं अकबर के बच्चों के बारे में एक बार के कितने बच्चे थे? क्या आपको पता है कि अकबर की कितनी संतान थी।

अगर नहीं पता तो चलिए जान लेते हैं । अकबर की संतानों के बारे में।

ऐसा कहा जाता है कि अकबर के कुल 10 बच्चे थे। जिसमें पांच पुत्र जहांगीर, दैन्याल मिर्जा, मुराद मिर्जा, हुसैन व हसन थे।

तथा 5 पुत्रियां अराम बानु बेगम, खानम सुल्तान बेगम, शाहजदी खानम, शकर-अन-निसा बेगम व मेहरुनिसा थी।

अकबर जो उस समय अकबर महान के नाम से जाने जाते थे। 1556 में अपनी मृत्यु तक मुगल साम्राज्य के शासक थे।

akbar ka janm kahan hua tha. – अकबर का जन्म कहां हुआ था?

क्या आपको पता है कि अकबर का जन्म कहां पर हुआ था?

अगर आपको पता नहीं है तो चलिए आज हम इसी के बारे में चर्चा करेंगे कि अकबर का जन्म कहां पर हुआ था ?वह अकबर का जन्म कब हुआ?

राजा अकबर जिसे जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर के नाम से भी जाना जाता था का जन्म 15 अक्टूबर 1542 ईस्वी में अमरकोट नामक स्थान पर हुआ था।

जो कि एक राजस्थान का अभिन्न अंग था।अकबर का जन्म पूर्णिमा के दिन हुआ था इसलिए उनका नाम बदरुद्दीन मोहम्मद अकबर रखा गया था।

अकबर का बेटा कौन था ? – akbar ke bete ka naam.

दोस्तों क्या आपको पता है कि अकबर के बेटे का क्या नाम था? अकबर के कितने बेटे थे ? अकबर के बेटों के नाम क्या क्या थे?

इतिहासकारों का ऐसा कहना है कि अकबर के तीन बेटे थे जो युवावस्था में पहुंचने की आयु देख सके थे।

इनमें से दो बेटों मुराद और दानियाल की अकबर के जीवन काल में ही मृत्यु हो गई थी।

ऐसा कहा जाता है कि जब अकबर की मृत्यु हुई थी तो अकबर का सबसे बड़ा पुत्र सलीम ही उस समय जीवित था।

और बड़ा होकर सलीम ने ही जहांगीर के रूप में अपने पिता की राजगद्दी को संभाला।

अकबर को किसने मारा था? – Akbar ko kisne mara tha?

दोस्तों आज हम आपको अकबर की मौत की असली वजह बताएंगे कि आखिरकार अकबर की मृत्यु कैसे हुई तथा अकबर को किसने मारा था।

राजा अकबर के बड़े बेटे का नाम सलीम था जो कि हमेशा से ही राजा के विरोध में रहता था।

और हर रोज नया षड्यंत्र बनाकर राजा अकबर को परेशान करता रहता था। सलीम की गलतियों को राजा अकबर माफ कर देता था।

लेकिन सलीम की कुछ गलतियां इतनी बड़ी थी कि राजा चाह कर भी उन्हें माफ नहीं कर सकता था।

इसलिए उन्होंने सलीम को राज्य नहीं देने का प्लान बनाया लेकिन जब यह बात सलीम को पता चली तो उन्होंने इसके विरुद्ध विद्रोह करना चालू कर दिया।

ऐसी स्थिति में राजा भी बहुत ज्यादा दुविधा में आ गया और अकाल मृत्यु के निकट में अकबर आ गया।

सलीम ने अकबर के विरोध ही अपनी लड़ाई को छेड़ ली थी तथा खुसरो को मारने का प्लान भी बनाया।

तथा इसके साथ ही राजा को पेचिश नामक बीमारी भी हो गई थी जिसके कारण में इलाज नहीं करवा पाए और 63 साल की उम्र में उनकी अकाल मृत्यु हो गई।

यानी कि कहा जाए तो राजा अक़बर की मौत के पीछे उनके बेटे सलीम का हाथ था।