Amrish Puri ke top dialogue – दोस्तों आपने अपनी लाइफ में फिल्में तो बहुत ही देखी होगी और फिल्मों में आपने बहुत अलग-अलग हीरो को देखा है।

हर फिल्म में अलग-अलग हीरो होता है तथा इसके साथ ही एक विलन भी होता है जिसका रोल फिल्म में अलग ही प्रकार का होता है।

अगर आप फिल्में देखने के शौकीन हैं और आपने फिल्में देखी है तो आपने कभी ना कभी अमरीश पुरी का नाम तो सुना ही होगा।

यह काफी पुराने हीरो रह चुके हैं। 2000 के दशक के आसपास के यह हीरो है।

उन्होंने अपने बहुत ही बेहतरीन फिल्में भी दी है जिसमें उन्होंने विलन का रोल निभाया है।

अगर आप की एज 20 से 25 साल की है तो आपने जरूर अमरीश पुरी की फिल्में देखी हैं।

आज हम अमरीश पुरी की फिल्मों से जुड़े हुए तथा अमरीश पुरी के कुछ प्रसिद्ध डायलॉग के बारे में बात करेंगे जो उन्होंने अपनी फिल्म के दौरान किए हैं।

दोस्तों मशहूर अभिनेता अमरीश पुरी बॉलीवुड के शानदार कलाकारों में से एक रह चुके हैं। दुख की बात यह है कि अब यह इस दुनिया में नहीं है।

लेकिन उन्होंने बॉलीवुड में जितना तगड़ा काम किया ,उनको हमेशा याद रखा जाएगा।

उनकी एक्टिंग और फिल्म ने फिल्मी दुनिया के पदों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

उन्होंने खलनायक के तौर पर ने हीं सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है व अक्सर अपनी फिल्मों में विलन का रोल निभाया करते थे।

आइए अब हम अमरीश पुरी के टॉप व खास डायलॉग के बारे में आपको बताते हैं जिन को लोगों ने खूब प्यार दिया।

  1. “ऊपर वाले ने ये दिल पत्थर का बनाया है, इसे शौक तो लग सकता है, लेकिन स्टॉप नहीं हो सकता”

अमरीश पुरी का यह डायलॉग उनकी फिल्म मुकद्दर का बादशाह का है। यह फिल्म 1990 में रिलीज हुई थी।

  1. “जवानी में अक्सर ब्रेक फेल हो जाया करते हैं”

अजय देवगन और मधु की सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे के लिए यह डायलॉग अमरीश पुरी ने बोला था।

फिल्म में उनका यह डायलॉग अपने आप में बहुत कुछ कहता है। अजय देवगन और मधु की सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे साल 1991 में रिलीज हुई थी।

इस फिल्म में लोगों ने अमरीश पुरी कि कलाकारी तथा किरदार को बहुत ज्यादा पसंद किया था।

  1. “गलती एक बार होती है, दो बार होती है, तीसरी बार इरादा होता है”

अमरीश पुरी ने यह डायलॉग सिनेमाघरों में साल 1991 में आई फिल्म इरादा में बोला था।

इस फिल्म में उनके साथ उस समय के प्रसिद्ध अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा , परवीन बॉबी , और रंजीत सहित कई दिग्गज कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

  1. “आदमी के पास दिमाग हो तो अपना दर्द भी बेंच सकता है”

अमरीश पुरी का यह डायलॉग उनकी फिल्म एतराज का है यानी फिल्म एतराज में अमरीश पुरी ने यह डायलॉग बोला था।

इस फिल्म में अक्षय कुमार, प्रियंका चोपड़ा और करीना कपूर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

यह फिल्म एतराज 2014 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अमरीश पुरी के किरदार तथा अभिनय को लोगों ने बहुत ही ज्यादा पसंद किया।

  1. “जा सिमरन जा, जी ले अपनी जिंदगी”

दोस्तों यह डायलॉग तो आपने बहुत ही बात सुना होगा और आज भी सुनते होंगे।

आज हर कोई मजाक मजाक में यह डायलॉग जरूर बोलता है कि जा सिमरन जा जी ले अपनी जिंदगी ।

लेकिन क्या आपको पता है कि यह डायलॉग अमरीश पुरी का ही है।

तो हम आपको बता दें कि यह डायलॉग अमरीश पुरी का बोला गया है। यह डायलॉग अमरीश पुरी ने फिल्म “दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे” में बोला था।

इस फिल्म को बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में रखा जाता हैं। फिल्म में यह डायलॉग अमरीश पुरी ने काजोल के लिए बोला था।

यह डायलॉग आज लोग आम जिंदगी में भी बहुत बोलते हैं और मजे लेते हैं। दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे फिल्म सन 1995 में रिलीज हुई थी।

  1. “पैसों के मामले में मैं पैदाइशी कमीना हूं, दोस्ती और दुश्मनी का क्या, अपनों का खून भी पानी की तरह बहा देता हूं” हम आपको बता दें कि सलमान खान और शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म करण अर्जुन का यह डायलॉग काफी हिट हुआ था।

फिल्म करण अर्जुन में अमरीश पुरी ने ठाकुर दुर्जन सिंह का किरदार निभाया था।

इस फिल्म के डायलॉग और किरदार आज भी चर्चा में रहते हैं। फिल्म करण अर्जुन साल 1995 में आई थी।

  1. “टिप बाद में देना तो एक रिवाज है, पहले देना अच्छी सर्विस कि गारंटी होती है”

यह शानदार डायलॉग अमरीश पुरी ने फिल्म शहंशाह के लिए बोला था और यह फिल्म अमिताभ बच्चन की थी।

इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और अमरीश पुरी के अलावा मीनाक्षी शेषाद्री ने भी मुख्य भूमिका निभाई थी।

फिल्म शहंशाह साल 1988 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

  1. “जिंदगी में भी वीसीआर की तरह रिवाइंड बटन होता तो, कितना अच्छा होता”

दोस्तों अमरीश पुरी ने फिल्म “नायक द रियल हीरो” में एक भ्रष्ट राजनेता बलराज चौहान का किरदार निभाया है।

इस फिल्म में अमरीश पुरी का यह डायलॉग काफी ज्यादा प्रसिद्ध हुआ। यह फिल्म साल 2001 में बनाई गई थी।

इस फिल्म में अमरीश पुरी के साथ अनिल कपूर और रानी मुखर्जी ने भी मुख्य भूमिका निभाई।

  1. “ये अदालत है, कोई मंदिर या दरगाह नहीं जहां मन्नतें और मुरादें पूरी होती हैं, यहां धूप बत्ती और नारियल नहीं,बल्कि ठोस सबूत और गवाह पेश किए जाते हैं”

यह डायलॉग अमरीश पुरी ने फिल्म दामिनी में बोला था जो कि साल 1993 में आई थी। इस फिल्म में अमरीश पुरी के अभिनय ने काफी सुर्खियां बटोरी थी।

इस फिल्म में अमरीश पुरी, ऋषि कपूर, सनी देओल और मीनाक्षी शेषाद्री ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

  1. “मोगैंबो खुश हुआ”

अमरीश पुरी ने अपनी फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में मोगैंबो का किरदार निभाया था। इस किरदार में उन्होंने अपनी पूरी जान डाल दी थी।

इस फिल्म को रिलीज हुए 30 साल से भी ज्यादा हो गए हैं, लेकिन यह डायलॉग आज भी लोगों की जुबान से उतरा नहीं है।

हम आपको बता दे कि अमरीश पुरी के इसी डायलॉग ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े खलनायक के रूप में ना सिर्फ भारत में ही बल्कि विश्वभर में पहचान दिलाई थी।

  1. अजगर किसे, कब और कहां निगल जाता है ये तो मरने वाले को भी पता नहीं चलता…”
  2. “ये दौलत भी क्या चीज है, जिसके पास आती है कम ही लगती है”