सीता लंका में कितने दिन रही? – माता सीता लंका में कितने दिनों तक रही थी? आप सभी ने रामायण देखि है और आप यह भी जानते हैं कि रामायण का अंत राम और रावण कि लड़ाई के बाद ही हुआ था।

लेकिन आप सबको पता है कि राम और रावण के बीच लड़ाई इसलिए हुई थी क्योंकि रावण ने सीता का अपहरण कर लिया था। सीता का अपहरण करने के बाद रावण ने सीता को लंका में बंदी बना लिया था।

यह सब तो आप जानते हैं लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि सीता लंका में कितने दिन रही थी यानी कि सीता को रावण ने कितने दिन तक लंका में रखा।

पदम पुराण में सीता माता के लंका में रहने की अवधि के बारे में बताया गया है। पदम पुराण के अनुसार सीता लंका में 11 महीने 14 दिन के लिए रही थी।

सीता जी लंका में कितने दिन रही ? – सीता जी लंका में कितने दिन रही थी ?

अब हम आपको बताएंगे कि सीता जी लंका में कितने दिन रही। आप सबको पता है कि रावण ने सीता का अपहरण करके लंका में ले गया था।

सीता जी रावण की नगरी लंका में कितने दिन तक रही इसके संबंध में अलग-अलग जगह पर अलग-अलग समय लिखा गया है।

कुछ लोगों का मानना है कि सीता जी लंका में 1 बरस तक रही लेकिन कुछ अन्य लोगों का मानना है कि सीता जी लंका में 1 वर्ष से कम समय के लिए वहां पर रही थी।

भगवान श्रीराम को 14 सालों का वनवास मिला था। जब राम के वनवास के 13 साल समाप्त हो गए थे तथा केवल एक ही बरस रहा था।

तब उस समय माता सीता जी का रावण द्वारा अपहरण किया गया था।

उसके बाद सीता माता की खोज शुरू हुई और रावण से युद्ध करने के पश्चात श्री राम अयोध्या लौटे।

पुराणों के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि सीता जी लंका में 11 महीने 14 दिन तक रही थी।

इस समय के दौरान उन्होंने कई सारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।

सीता के पिता का नाम ? – सीता जी के पिता कौन थे ?

धार्मिक ग्रंथ रामायण के मुख्य पात्र श्री राम और माता सीता थे। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि सीता आखिर किसकी पुत्री थी।

अगर आप भी इस सवाल का उत्तर खोज रहे हैं तो आज इसी के बारे में बात करने वाले हैं।

सीता माता मिथिला के राजा जनक की पुत्री थी यानी सीता के पिता का नाम राजा जनक था।

वाल्मीकि द्वारा लिखित रामायण के अनुसार एक बार मिथिला में पड़े भयंकर सूखे से राजा जनक परेशान हो गए।

इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक ऋषि ने राजा जनक को यज्ञ करने और धरती पर हल चलाने का सुझाव दिया था।

जब यज्ञ करने के पश्चात राजा जनक धरती को जोतने लगे तब उन्हें धरती में से सोने की डलिया में मिट्टी में लिपटी हुई एक सुंदर कन्या मिली।

उसी कन्या को अपने हाथों में लेकर राजा जनक ने उन्हें सीता का नाम दिया था।

सीता की माता का नाम क्या हैं? – सीताजी के माँ का नाम क्या था?

sita ji ki maa ka naam kya tha – sita ji ki mata ka kya naam tha – seeta ki maa ka naam – क्या आपको पता है कि सीता की माता का क्या नाम था या सीता जी के मां का नाम क्या था?

अब हम जानेंगे प्रभु श्री राम कि धर्मपत्नी माता सीता की माता जी का क्या नाम था?

सीता की माता जी का नाम सुनयना था। वाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण में इसका कोई उल्लेख नहीं है।

लेकिन तुलसीदास की रामचरितमानस में इसके नाम का जिक्र किया गया है।

सीता जी के अन्य नाम क्या हैं? – सीता का दूसरा नाम क्या था?

क्या आप जानते हो कि माता सीता जी क्या अन्य नाम क्या है यानी सीता का दूसरा नाम क्या है?

अगर आपको पता नहीं है सीता जी के अन्य नाम क्या क्या है तो चलिए अब जानते हैं की सीता के अन्य नाम कौन-कौन से हैं?

सीता जी के अन्य नाम जानकी, वैदेही, मैथिली, जनक नंदिनी,जनकात्मजा और भूमिपुत्री/ भूसुता/ भौमि/ भूमिजा आदि है।

सीता किसकी पुत्री थी? – सीता के माता पिता कौन थे?

सीता के माता पिता का नाम – अब हम आपको बताएंगे कि सीता किसकी पुत्री थी यानी कि सीता के माता पिता कौन थे ? उनका क्या नाम था?

सीता के माता-पिता राजा जनक और सुनयना थे।यानी सीता के पिता का नाम राजा जनक और माता का नाम सुनयना था।

राम और सीता का विवाह – भगवान राम और सीता का विवाह कब हुआ था?

राम सीता का विवाह – राम सीता स्वयंवर – अब हम आपको बताएंगे कि राम और सीता का विवाह कब हुआ था?

हर साल विवाह पंचमी का दिन बहुत ही खास माना जाता है क्योंकि इस दिन भगवान राम और सीता का विवाह हुआ था।

राम और सीता का विवाह मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था।

शास्त्रों में इस तिथि को विवाह पंचमी के नाम से भी जाना जाता है।

राम और सीता का विवाह रामायण का एक मुख्य भाग है क्योंकि जब श्री राम और माता सीता का विवाह हुआ था तब तीनों लोगों के देवता खुशी से झूम उठे थे।

राम और सीता जैसी जोड़ी वाला तीनों लोकों में कोई और नहीं था।

ऐसी मान्यता है कि विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और सीता की पूजा करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती है।

अगर आप राम सीता का विवाह या फिर राम सीता स्वयंवर का वीडियो देखना चाहते हो तो,

आपको गूगल पर या यूट्यूब पर राम सीता विवाह या फिर राम सीता के स्वयंवर का वीडियो मिल जाएगा। आप वहां से देख सकते हैं।

ashok vatika where ravana kept sita. – रावण ने सीता को कहां रखा था?

जैसा की आप सभी को पता है कि सीता का अपहरण करने के पश्चात रावण ने सीता को अशोक वाटिका में रखा था।

यह अशोक वाटिका रावण ने बनवाई थी इस अशोक वाटिका में एक गुफा भी है।

यह अशोक वाटिका आज भी श्रीलंका के एक पर्वत पर स्थित है।

यह अशोक वाटिका लंका में स्थित है जहां पर रावण ने सीता का हरण करने के पश्चात बंदी बनाकर रखा था।

यहां पर सीता माता के नाम का एक मंदिर भी है। आज यह एक दर्शनीय स्थान बन गया है।

इंडिया से श्रीलंका जाने वाला हर इंसान इस जगह पर जाना नहीं भूलता हैं।

माता सीता ने अशोक वाटिका में कुल 11 महीने गुजारे थे। जहां सीता माता कैद थी, वहां पर अशोक का एक विशाल पेड़ भी था।