nind ki goli ka naam – दोस्तों आज हम आपको गहरी नींद की गोली दवा का नाम बताएंगे। आज आप नींद की गोली यानी नींद की जो टेबलेट और दवा आती है उसके बारे में जानेंगे।

साथ ही आप यह भी जानेंगे कि मार्केट में नींद की गोली कौन-कौन सि उपलब्ध है और नींद की टेबलेट के नाम क्या क्या है?

नींद की गोली का इस्तेमाल कैसे किया जाता है तथा नींद की गोली के साइड इफेक्ट क्या क्या है आप यह भी जानने वाले हैं।

sleep ( sleeping ) in hindi . – नींद कि टेबलेट (गोली) ।

दोस्तों नींद का ना आना, अनिद्रा और इनसोम्निया तीनों एक ही बारी के नाम होते हैं यानी यह तीनों बीमारियां एक ही होती है।

इस बीमारी के अंदर इंसान को अच्छी नींद नहीं आ पाती हैं और आदमी बेचैन सा रहता है। जितनी नींद मनुष्य के लिए पर्याप्त होती है ,उतनी नहीं ले पाता है।

nind ki goli ka naam – नींद की गोली का नाम।

मार्केट में ऐसी बहुत सारी गोलियां आती है जिनको लेने से आपको अच्छी नींद आ सकती है।

आज हम आपको नींद की गोली का नाम बताने वाले हैं जिन्हें आप लेकर सोते हैं तो आपको अच्छी नींद आ जाएगी।

नींद की गोली उन व्यक्तियों द्वारा या मरीजों द्वारा ली जाती है जिनको नींद की समस्या होती है।

यानी जिन व्यक्ति को अनिद्रा, नींद का ना आना जैसी बीमारी होती है उन्हें नींद की गोली या टेबलेट व दवा दी जाती है।

नींद की गोली के नाम निम्नलिखित है।

1 . Alpeax.

2 . Zolpidem.

3 . Clonazepam.

nind ki tablet name high power – गहरी नींद की दवा का नाम बताये ।

Sleepwell 10 mg – अब हम आपको स्लिपवेल 10mg गोली के बारे में बताएंगे जो कि एक नींद की गोली होती है।

स्लिपवेल 10 एमजी गोली गहरी नींद की दवा का एक नाम है।

Sleepwell 10 mg गोली (टेबलेट) का उपयोग हम अल्पकालीन अनिद्रा के उपचार के लिए करते हैं ।

यानी कि जब हमें कम नींद आती है तो हम इस गोली को लेने से फायदा होता है।

नीद की टेबलेट के नाम – नीद की टेबलेट ।

Nind ki tablet ke naam. – अब हम आपको नींद की टेबलेट के नाम यानी नींद की टेबलेट कौन कौन सी आती है इसके बारे में बताने वाले हैं।

नीचे हमने नींद की टेबलेट के नाम दिए हैं। यह सारी टेबलेट नींद की टेबलेट है और यह सभी टेबलेट नींद की अंग्रेजी टेबलेट है।

Nind ki angreji tablet ke naam. निम्नलिखित है।

1 . Lopez MD 2

2 . Lonazep MD 0.5 mg

3 . RESTYL 0.5 mg

4 . Zapiz 0.25

5 . Alprax 0.5

neend na aane ki medicine name. – नींद ना आने की मेडिसिन का नाम।

नींद की गोली नाम लिस्ट इन हिंदी – नींद की गोली नाम लिस्ट – अब हम आपको नींद की गोली के नाम के बारे में बताते हैं यानी कि नींद की गोली कौन कौन सी होती है उनके नाम क्या होते हैं।

नींद की गोली नाम और प्राइस नींद की गोली नाम इन इंग्लिश।

आइए अब हम आपको नींद की टेबलेट के नाम बता देते हैं नीचे कुछ नींद कि टेबलेट की लिस्ट दी गई है।

1 . XANAX.

2 . RESTYL.

3 . KASLOL.

nind aane ki dawa hindi . नींद की दवा ।

अगर आपको भी अच्छी नींद नहीं आती है तो मार्केट में आपको बहुत सारी नींद आने की गोलियां व टेबलेट मिल जाएगी।

मार्केट में नींद आने की होम्योपैथिक दवा भी आती है। इसके अलावा नींद आने की आयुर्वेदिक दवा भी आती है।

इसके साथ ही आपको मार्केट में नींद आने की अंग्रेजी दवा भी मिल जाएगी।

आप अपने हिसाब से नींद आने की इन गोलियों में से कोई भी नींद आने की दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

नींद की गोली का नाम क्या है ? – neend ki tablet name list hindi.

यदि आप भी जानना चाहते हैं कि नींद की गोली का नाम क्या है तो हम आपको बता देते हैं।

कि मार्केट में एक ही नहीं कई सारी गोलियां आपको मिल जाएगी।

आपको नींद की सभी गोलियां मेडिकल की दुकान पर या फिर ऑनलाइन भी मिल जाएगी। आप ऑनलाइन भी इन गोलियों को खरीद सकते हो।

आपको जो नींद की गोली अच्छी लगे आप उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

लेकिन आपको एक बात का हमेशा ध्यान रखना है कि आप जिस भी नींद की गोली का इस्तेमाल कर रहे हो । वह डॉक्टर की सलाह से ही करना है।

ऊपर हमने नींद के लिए जितनी भी गोलियां बताइ है, आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके अलावा भी आप नींद की आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक गोली ले सकते हैं।

नींद की गोली का असर – नींद की गोली का असर कितनी देर तक रहता है ।

अब हम आपको बताएंगे कि नींद की गोली का असर कितनी देर तक रहता है।

क्या कभी आपने भी नींद की गोली ली है अगर लि है तो आपको पता होगा।

लेकिन अगर आप पहली बार नींद की गोली लेने जा रहे हो तो हम आपको बता देते हैं कि नींद की गोली का असर कितनी देर तक रहता है।

जब कोई व्यक्ति नींद की गोली लेता है तो 20 से 25 मिनट के अंदर गोली असर करना शुरू कर देती है।

अगर आप नींद की गोली लेते हो तो यह आपको 8 घंटे की सुकून भरी नींद दिलवा सकती है। तथा इससे अधिक नींद भी आपको आ सकती है।

यानी कि कुल मिलाकर बात की जाए तो नींद की गोली का असर 8 से 10 घंटे तक रहता है ।

और नींद की गोली का असर 20 से 25 मिनट के अंदर दिखाई देने लग जाता है।

गहरी नींद की आयुर्वेदिक दवा – आयुर्वेद में नींद आने की दवा।

नींद की गोलियां – जैसा की आप सभी लोगों को पता है कि नींद की आयुर्वेदिक गोली भी आती है।

यानी कि आप नींद की आयुर्वेदिक गोली लेकर भी अच्छी नींद ले सकते हैं।

गहरी नींद की आयुर्वेदिक दवा कौन सी है या आयुर्वेद में नींद आने की दवा कौन सी है चलिए हम बताते हैं।

Somini tablet (सोमिनी टेबलेट) गहरी नींद आने की आयुर्वेदिक दवा है। इस दवा का इस्तेमाल करने से आपको अच्छी व गहरी नींद आती है।

Somini tablet को कई सारी जड़ी बूटियां मिलाकर बनाया गया है।

somini tablet हमारे दिमाग को शांत कर देती है जिससे हम को अच्छी नींद आती है।

यह गोली चिंता , डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन को दूर करके हमारे मूड को सही बनाती है।

नींद आने के आयुर्वेदिक उपाय – Nind aane ke Ayurvedic upay.

अगर आपको नींद नहीं आती है और आप नींद आने के आयुर्वेदिक उपाय ढूंढ रहे हैं।

तो अब हम आपको नींद आने के आयुर्वेदिक उपाय नुस्खे और टिप्स बता देते हैं ।

जिस की मदद से आप अच्छी व गहरी नींद ले सकेंगे।

  1. रात को सोते समय टीवी और मोबाइल जैसे डिवाइस का उपयोग करना बंद कर दें।
  2. सोते वक्त अपने कमरे की ट्यूबलाइट और बल्ब को बंद कर दें।
  3. रात को सोते वक्त किसी भी प्रकार की अग्रेसिव और हॉरर मूवी देखना बंद कर दे।
  4. अगर आपके दिमाग में कोई विचार आता है तो आप उसके बारे में ज्यादा सोचना बंद कर दे।
  5. अच्छी व गहरी नींद लाने के लिए आप शांत वातावरण में सोना चालू कर दे।
  6. रात को सोते वक्त या सोने से पहले चाय ,कॉफी पीना बंद कर दे।
  7. सोने जाने से पहले आपके दिमाग में किसी भी प्रकार का कोई टेंशन और तनाव नहीं होना चाहिए।

नींद आने की दवा पतंजलि दवा – Nind aane ki patanjali dava ka naam .

पतंजलि नींद की टेबलेट – अब हम जानेंगे कि नींद आने की पतंजलि दवा के बारे में यानी कि नींद आने की पतंजलि दवा कौन सी है उसका क्या नाम है?

ऐसी कौन सी पतंजलि दवा है जिसका उपयोग हम नींद लाने के लिए कर सकते हैं यानी अनिद्रा को भगा सकते हैं।

  1. पतंजलि द्वारा निर्मित बादाम रोगन तेल आपकी अनिद्रा को भगाने में सहायता कर सकता है।

इस तेल को आप सिर पर और पैरों के तले पर लगा सकते हो।

  1. अगर आप बादाम रोगन तेल को दूध में मिलाकर पीते हैं तो आप इन सौम्या यानी अनिद्रा की बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।
  2. आप पतंजलि के दिव्य पेय के साथ में पावर वीटा मिलाकर उसमें बादाम रोगन तेल मिलाकर ले लीजिए।
  3. पतंजलि द्वारा निर्मित दिव्य मेघा वटी भी अनिद्रा बीमारी के लिए अचूक दवा मानी गई है।

what is insomnia in hindi – insomnia in hindi .

क्या आपको पता है कि इनसोम्निया क्या होता है यानी इनसोम्निया का अर्थ और मतलब क्या होता है ।

अगर आपको इनसोम्निया के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं है तो आइए जानते हैं इनसोम्निया किसे कहते हैं?

इनसोम्निया का अर्थ है नींद का ना आना। यानी अनिद्रा या फिर नींद के ने आने को ही हम इनसोम्निया कहते हैं।

यदि किसी व्यक्ति को नींद नहीं आती है और उसे नींद की बीमारी होती है तो हम उसे इनसोम्निया या फिर अनिद्रा भी कह सकते हैं।

नींद का संगीत – नींद के लिए कौन सा संगीत सुनना चाहिए ?

Music for sleeping 😴😴 – दोस्तों नींद का संगीत से काफी गहरा संबंध होता है। अगर आपको नींद नहीं आती है तो आप संगीत सुन ले।

अगर आप सोने से पहले संगीत सुनते हैं तो आपको काफी अच्छी व गहरी नींद आएगी।

संगीत का सुनना इनसोम्निया की बीमारी में काफी फायदेमंद और लाभदायक साबित हो सकता है।

यूट्यूब पर आपको बहुत सारे संगीत मिल जाएंगे इसके अलावा अगर कोई संगीत आपका फेवरेट है।

आप रात को सोते समय उस संगीत को सुन ले उस संगीत को तब तक सुनना है। जब तक कि आपको नींद ना आने लग जाए।

अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको बहुत जल्दी अच्छी सी गहरी नींद आने की संभावना है।

अल्प्राजोलम टेबलेट कितने एमजी का आता है ? – alprazolam tablet kitne mg ka aata hai?

क्या आपको पता है कि मार्केट में अल्प्राजोलम टेबलेट कितने एमजी का आता है।

अगर आपको पता नहीं है तो हम आपको बता देते हैं कि मार्केट में अल्प्राजोलम टेबलेट बहुत प्रकार के आते हैं।

इनमें अल्प्राजोलम टेबलेट आपको मार्केट के अंदर या फिर मेडिकल स्टोर पर 0.20mg , 0.25mg , 1एमजी और 2 एमजी कि पैकिंग में मिल जाएंगे।

alprazolam 0.5 mg tablet uses in hindi – alprazolam tablet use in hindi.

अल्प्राजोलम 0.25 गोली – हम आपको बताएंगे कि अल्प्राजोलम 0.5 एमजी टेबलेट का उपयोग कैसे किया जाता है।

अल्प्राजोलम टेबलेट का उपयोग हम डिप्रेशन और अवसाद को ठीक करने के लिए करते हैं।

इसके अलावा नींद ने आने वाली बीमारियों को ठीक करने के लिए भी इस गोली का उपयोग हम करते हैं।

इसके साथ ही चिंता घबराहट डर जैसे भ्रम को दूर करने के लिए भी अल्प्राजोलम टेबलेट का इस्तेमाल हम करते हैं।

यदि कोई व्यक्ति अवसाद की स्थिति में पहुंच जाता है और उसे दौरे पड़ने लगते हैं तो उस स्थिति में उसे अल्प्राजोलम टेबलेट दी जाती है।

trika 0.25 tablet uses in hindi – alprazolam 0.25 uses in hindi.

अल्प्राजोलम 0.25 टेबलेट का उपयोग मरीज को रात को सोते समय करना चाहिए। जिनको नींद अच्छी नहीं आती है।

इसके अलावा कोई भी व्यक्ति अपनी स्थिति को देखते हुए अल्प्राजोलम टेबलेट का उपयोग दिन में भी कर सकता है।

अल्प्राजोलम 0.25 का उपयोग आपको डॉक्टर की सलाह पर ही करना है।

अल्प्राजोलम दवा , टेबलेट के नुकसान – alprazolam tablet Ke side effect aur nuksan.

अब हम आपको अल्प्राजोलम टेबलेट के नुकसान यानी अल्प्राजोलम टेबलेट के साइड इफेक्ट क्या क्या होते हैं? इसके बारे में बताने वाले हैं।

अगर आप भी अल्प्राजोलम टेबलेट लेते हैं तो इसके क्या नुकसान है , साइड इफेक्ट हो सकते हैं चलिए जान लेते हैं।

अल्प्राजोलम टेबलेट के नुकसान निम्नलिखित हैं।

1 . सिर का चकराना।

2 . चक्कर का आना।

3 . मेमोरी लॉस होना।

4 . मसल्स में थकावट सी महसूस होना।

5 . उल्टी आना और नाक से पानी टपकना।

6 . वजन का कम हो जाना।

7 . आंखों से धुंधला सा दिखाई देना।

अल्प्राजोलम टेबलेट से जुड़ी हुई सावधानियां – अल्प्राजोलम कट इस्तेमाल किन व्यक्तियों को नहीं करना चाहिए ।

आइए अब हम आपको बताते हैं कि अल्प्राजोलम टेबलेट से जुड़ी हुई सावधानियां कौन-कौन सी है?

यानी कि अल्प्राजोलम टेबलेट लेते समय व्यक्ति को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  1. जो भी व्यक्ति एचआईवी एड्स रोग से संबंधित दवाई ले रहा हो। उन्हें कभी भी अल्प्राजोलम टेबलेट नहीं लेनी चाहिए।
  2. एंटीफंगल और एंटीवायरस दवाई का उपयोग करने वाले व्यक्ति को भी अल्प्राजोलम टेबलेट नहीं लेनी चाहिए।
  3. एंटीबायोटिक टेबलेट का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति भी इस टेबलेट से दूर रहें।
  4. जो व्यक्ति बर्थ कंट्रोल की टेबलेट और गोली का इस्तेमाल कर रहे हैं वे लोग भी यह टेबलेट ना लें।
  5. 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भी यह गोली नहीं देनी चाहिए।
  6. प्रेग्नेंट महिला को भी इस गोली का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  7. जो व्यक्ति दारू पीता है यानी अल्कोहल का सेवन करता है उन्हें यह गोली नहीं लेनी चाहिए।

नींद की गोली खाने से क्या होता है ? – नींद की गोली खाने के साइड इफेक्ट क्या क्या होते हैं ?

Nind ki goli khane ke side effect kya kya hote Hain – आइए हम जानते हैं कि नींद की गोली खाने से क्या होता है ।

यानी कि नींद की गोली खाने से क्या क्या साइड इफेक्ट और नुकसान होता है।

  1. नींद की गोली खाने से व्यक्ति की याददाश्त क्षमता कम हो जाती है। जिससे व्यक्ति में भूलने की बीमारी हो जाती है।
  2. अगर आप लंबे समय तक नींद की गोली लेते हैं व खाते हैं तो नर्वस सिस्टम से संबंधित बीमारी हो जाती है।
  3. लगातार नींद की गोलियों का सेवन करने से व्यक्ति addict हो जाता है ।

और फिर यह गोलियां नशे का काम करती है। जिससे यह गोलियां लिए बिना नहीं रहा जा सकता।

नींद की गोली से मौत – नींद की गोली के ओवरडोज से मौत ।

क्या आपको पता है कि नींद की गोली खाने से आप की मौत भी हो सकती है।

अगर आपको पता नहीं है तो हम आपको बता दें कि ज्यादा नींद की गोली लेना आपके लिए मौत का कारण बन सकता है।

क्योंकि नींद की गोली मौत की दर को बढ़ा देती है इसके अलावा नींद की गोलियां हार्ट अटैक के खतरे को भी कई गुना बढ़ा देती है।

अगर आप नींद की गोलियां लिमिट से ज्यादा यानी ओवरडोज ले लेते है तो आप बेहोशी में आकर अपनी जान भी गंवा सकते हैं।

गहरी नींद लाने के लिए क्या करें? – gehri nind laane ke liye kya Karen?

अब आप जानोगे की गहरी नींद लाने के लिए क्या करें? क्योंकि भरपूर नींद लेने से हमारे दिमाग को शांति मिलती है।

हमारा पाचन तंत्र ठीक रहता है और इम्यून सिस्टम भी तेज होता है।

बहुत सारे लोग गहरी नींद नहीं ले पाते । गहरी नींद लेने के लिए क्या करें उपाय निम्नलिखित है।

  1. दिन के अंदर आप 20 से 30 मिनट अच्छी गहरी नींद ले ले।
  2. सोने से आधे घंटे पहले गुनगुने पानी से स्नान कर लेना चाहिए। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है।
  3. अकेले सोने से भी अच्छी नींद आती है।
  4. सोने से पहले किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज ना करें तो अच्छी नींद आती है।
  5. सोने से 2 घंटे पहले ही खाना खा लेना चाहिए।

नींद की टेबलेट खाने से क्या होता है? – nind ki tablet khane se kya hota hai?

क्या आप जानते हैं कि नींद की टेबलेट खाने से क्या होता है।

चलिए अब हम आपको बताते हैं कि अगर आप नींद की टेबलेट लेते हैं तो क्या होता है।

कोई भी इंसान नींद की टेबलेट अच्छी व गहरी नींद के लिए लेता है यानी जब हम नींद की टेबलेट खाते हैं तो हमें नींद अच्छी आती है।

नींद की गोली खाने से हमें नशा आने लगता है और हम जल्दी सो जाते हैं।

नींद की गोली खाने से व्यक्ति की दिनचर्या खराब हो जाती है क्योंकि नींद की गोली का नशा रहता है और सोचने समझने की क्षमता में भी कमी आती है।

अगर रात में नींद न आये तो क्या करे? – agar raat main nind na aaye to to kya Karen?

जिस प्रकार से इंसान के शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अच्छे खान-पान की आवश्यकता होती है।

उसी प्रकार से दिमाग को शांत व चलायमान बनाने के लिए अच्छी नींद की आवश्यकता भी होती है।

लेकिन आज के इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में बहुत सारे लोगों को रात में अच्छी नींद नहीं आती है।

अगर आपको भी रात में नींद न आए तो क्या करना चाहिए चलिए जानते हैं।

  1. सोने से पहले एक मुट्ठी चेरी का सेवन करने से आपको अच्छी नींद आएगी।
  2. सोने से पहले आपको एक गिलास दूध पी लेना चाहिए इससे भी आपको गहरी नींद आती है।
  3. रात को सोने से पहले केला जरूर खाएं क्योंकि केला शरीर की मांसपेशियों को तनाव मुक्त करता है।
  4. सोने से पहले हर्बल चाय अगर आप पीते हैं तो भी अच्छी नींद आ सकती है।

नींद कम आना क्या कारण है? – nind kam aane ka kya Karan hai?

अगर आपको भी नींद कम आती है और आप इसका कारण जानना चाहते हैं कि नींद कम आने का कारण क्या होता है?

आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में बहुत से ऐसे कारण हो सकते हैं जिसके कारण आपको नींद बहुत ही कम आती है।

अगर आपको चिंता, डिप्रेशन और मानसिकता तनाव हो तो भी नींद कम आ सकती है।

अगर हम कोई नकारात्मक बात सोचते हैं और किसी बात का हमारे दिमाग के अंदर डर बैठ जाता है तो हम को नींद नहीं आती है।

अगर आप किसी प्रकार का नशा जैसे दारु, सिगरेट पीना। आदि करते हैं तो भी नींद कम आ सकती है।

इसके अलावा शारीरिक और मानसिक दर्द के कारण भी हमें नींद कम आती है।

नींद कम लेने से क्या होता है? – nind Kam Lene se kya hota hai?

अगर आपको भी नींद कम आती है और आप यह जानना चाहते हैं कि नींद कम लेने से क्या होता है तो आइए जानते हैं।

कि अगर हम नींद कम लेते हैं तो इससे हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है।

अगर हम पूरी नींद नहीं लेते है तो हम कहीं सारी मानसिक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं जैसे चिंता ,डिप्रेशन और तनाव।

नींद पूरी नहीं होने से हमारा दिमाग शांत नहीं होता है और हमें पूरा आराम नहीं मिल पाता है।

नींद पूरी नहीं होने से सिर भारी हो जाता है, सर दर्द होने लगता है और चिड़चिड़ापन जैसी बीमारी हो जाती है।

नींद पूरी ना होने के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होता है और कमजोर हो जाता है।

पर्याप्त नींद नहीं लेने से हमारी याददाश्त और स्मरण शक्ति कम होने लगती है।

जिससे हमें भूलने की बीमारी हो जाती है।

प्रेगनेंसी में नींद ज्यादा क्यों आती है? – pregnancy mein nind jyada kyon aati hai?

अब हम आपको बताएंगे की प्रेगनेंसी में नींद ज्यादा क्यों आती है।

दोस्तों ऐसी बहुत सारी महिलाएं जब वह प्रेग्नेंट होती है तो उन्हें बहुत ज्यादा नींद आती है इसके बहुत से कारण हैं।

प्रेगनेंसी के पहले 3 महीनों में महिलाओं को बहुत ज्यादा नींद आती है। उसके बाद नींद कम आती है।

किसी भी महिला को प्रेगनेंसी के पहले 3 महीनों में इतनी नींद आती है कि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी नींद लेने का मन करता है।

इंसान को कितनी नींद लेनी चाहिए? – Insan ko kitni nind leni chahiye ?

अब हम आपको बताएंगे कि इंसान को कितनी नींद लेनी चाहिए ।

यानी कि अगर कोई इंसान असल में पूरी तरीके से अपने दिमाग से शांत होना चाहते हैं तो उसे पर्याप्त कितनी नींद चाहिए होती है।

इंसान को कितनी नींद लेनी चाहिए यह तो उसकी उम्र पर निर्भर करता है। अलग-अलग उम्र के हिसाब से उन्हें सोना चाहिए।

लेकिन अगर हम बात करें तो एक इंसान को पर्याप्त 8 घंटे की नींद लेना चाहिए और कम से कम 6 घंटे की नींद लेना जरूरी होता है।

अगर आप 6 घंटे की नींद लेते हैं तो इसके दौरान आपका दिमाग पूरी तरीके से शांत हो जाता है ।

और आप फिर से नया काम शुरू करने के लिए पूरी तरीके से ऊर्जावान महसूस करते हैं।

अगर किसी की उम्र 14 से 17 साल है तो उसे कम से कम 8 से 10 घंटा नींद लेनी चाहिए।

अगर कोई नौजवान है जिसकी उम्र 18 से 25 साल है तो उसे कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।

अगर कोई बुड्ढा यानी बुजुर्ग व्यक्ति है जिसकी उम्र 60 से ऊपर है उसे कम से कम 5 घंटे की और ज्यादा से ज्यादा 6 – 7 घंटे की नींद लेनी ही चाहिए।